चमत्कार

हम जितने भी जीवित लोगों को देख कर सोचते हैं कि उनके पास कोई विशेष प्रतिभा है, भगवान ने कुछ उन्हें अलग से कुछ देकर भेजा है इसलिए वो चमत्कार कर पा रहे हैं तो यहाँ यह जान लेना जरूरी है कि हममें वो सारी प्रतिभाएं है जो उनमें है।

   चलिए एक नियम को जानते हैं.. जितने भी चमत्कारी लोग दिखते हैं उन्होंने चमत्कार करने से पहले उस काम को करने के लिए हजारों घण्टें दिए है। 

      यह एक प्रमाणित नियम है कि आप जिस काम में भी दस हजार घण्टें दे सकते हैं। दस हजार घण्टें तक पूरा आनन्द के साथ या बोरिंग होते हुए भी कर सकते हैं तो आप उस काम में चमत्कार करने लायक हो जायेंगे। 10,000 घण्टें सुनने में बहुत ज्यादा लगता है लेकिन आप करने लगें तो साढ़े चार से पाँच साल तक लगातार प्रतिदिन आप 6 घण्टें काम करते हैं तो आप भी चमत्कार करने में सक्षम होंगे। 4 घण्टें प्रतिदिन काम करते हैं तो 7-8 साल लगेंगे और 2 घण्टें करते हैं तो लगभग 14 साल लगेंगे। आप अपनी सुविधानुसार समय निर्धारित कर सकते हैं। बीच में छुट्टियाँ करेंगे तो समय भी बढ़ता जाएगा।

     अब बात ये है करना क्या है..  आप जो बनना चाहते हैं, महारत हासिल करना चाहते हैं, खुद चमत्कारी की श्रेणी में आना चाहते हैं, चाहे दुनिया का कोई भी प्रोफेशन हो, कोई भी कला हो, कोई भी नौकरी हो, कोई भी खेल हो, किसी भी महान इन्सान की बराबरी करनी हो, अरबपति-खरबपति बनना हो, नेता-सांसद या प्रधानमंत्री बनना हो स्वर्णपदक खिलाड़ी या वालीवुड सुपरस्टार बनना हो, सचिन तेन्दुलकर, दशरथ मांझी या विवेकानंद बनना हो, डाक्टर, इंजीनियर या मास्टर बनना हो। आप इन दस हजार घण्टें के अभ्यास के नियम को आप लगा सकते हैं। आप भी चमत्कार करेंगे ये हमारा विश्वास है। 10000 घण्टें किसी भी एक काम को कीजिए और चमत्कारी बनिए।


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